काश आपका घर मेरे घर ले करीब होता,
मिलना न सही देखना तो नसीब होता|
फूल पत्थर से टकराया तो, तुफान-ए-सागर बन गया,
जख्म खाया प्यार में तो, नाम मेरा आशिक बन गया|
काश आपका घर मेरे घर ले करीब होता,
मिलना न सही देखना तो नसीब होता|
फूल पत्थर से टकराया तो, तुफान-ए-सागर बन गया,
जख्म खाया प्यार में तो, नाम मेरा आशिक बन गया|
