उदासी भरे दिन

कहाँ तक ये मन को अँधेरे छलेंगे
उदासी भरे दिन, कभी तो ढलेंगे
कभी सुख, कभी दुःख, यही ज़िन्दगी है
ये पतझड़ का मौसम, घड़ी दो घड़ी है
नए फूल कल फिर डगर में खिलेंगे
उदासी भरे दिन…
भले तेज़ कितना हवा का हो झोंका
मगर अपने मन में तू रख ये भरोसा
जो बिछड़े सफ़र में तुझे फिर मिलेंगे…

बस इतनी सी मेरी ख्वाहिश

ना चाँद की चाहत
ना तारों की फरमाइश
तू मिले हर जन्म
बस इतनी सी मेरी ख़्वाहिश ।

 

एक गुलाब मैंने भी अपने सीने में छुपा रखा है,

मेरी यादों को, मेरे सपनों को जिसने महका रखा है।

 

🌹 कोई कहता है प्यार  नशा बन जाता है! 🌹
🌹 कोई कहता है प्यार  सज़ा बन जाता है! 🌹
🌹 पर प्यार करो अगर_सच्चे ♥️ दिल से,🌹
🌹 तो वो प्यार ही जीने की वजह बन जाता है..!”🌹

 

आँखों के रास्ते मेरे दिल में उतर गये…!!!

बंदा-नवाज़ आप तो हद से गुज़र गये…!!!

 

तेरे इस रंग रुप को देखकर हर आशिक का दिल आहें भरता रहता होगा,
और जिस घाट का भी तुम पानी पीती होगी, जरुर वहां रोज लाखों गुलाब खिलता होगा ।

इश्क़ ने हमें बेनाम कर दिया

इश्क़ ने हमें बेनाम कर दिया,
हर खुशी से हमें अंजान कर दिया,
हमने तो कभी नहीं चाहा की
हमें भी मोहब्बत हो,
लेकिन आप की एक नज़र ने हमें
नीलाम कर दिया…………..💕💕

हम किसी को धोखा दिया नहीं करते

उल्फत की जिन्दगी जीया नहीं करते,

हम किसी को धोखा दिया नहीं करते,

अरे न जाने ये दिल कैसे आप पे आ गया,

वरना ये दिल किसी को दिया नहीं करते|

हमसे नजरें मिला के तो देखो

मोहब्बत का दीपक जला कर तो देखो,

जरा दिल की दुनिया बसा के तो देखो

अगर हो न जाये मोहब्बत तो कहना,

जरा हमसे नजरें मिला के तो देखो|

हम से ज्यादा प्यार कौन करेगा

हम से ज्यादा प्यार कौन करेगा

हम से बढ़कर जिंदगी को

कौन कर सकता है प्यार

और गर मिटने पे आ जाएँ

तो मिट जाते हैं हम

जाग उठते हैं तो सूली पर भी

नींद आती नहीं

वक़्त पड़ जाये तो

अंगारों पे सो जाते हैं हम

मर के भी इस खाक में हम

दफ़न रह सकते नहीं

लाला – वो – गुल बन के

वीरानों पे छा जाते हैं हम||

हम से ज्यादा प्यार कौन करेगा

वो तो खुद ही एक गुलाब है

वो तो खुद ही एक गुलाब है

ख़त उनका आया जवाब क्या भेजूं,

गुलाब से भी कोई खुबसूरत फूल हो तो उन्हें दूँ,

वो तो खुद ही एक गुलाब है,

उन्हें गुलाब क्या भेजूं|

ख़त उनका आया जवाब क्या भेजूं,  गुलाब से भी कोई खुबसूरत फूल हो तो उन्हें दूँ,  वो तो खुद ही एक गुलाब है,  उन्हें गुलाब क्या भेजूं|

 

 

मेहँदी रचाए बैठे हैं

मेरे सामने महफ़िल में आये बैठे है,

अपने हाथों से मेरा दिल दबाये बैठे हैं,

जब हमने पूछा की क्या है आपके हाथों में,

बहाना बना दिया मेहँदी रचाए बैठे हैं|

हम मिलेंगे तुम्हारे दिल की गहराई में

याद करते हैं तुम्हें तन्हाई में,

दिल डूबा है गम की गहराई में,

मुझे मत भुलाना दुनिया की लड़ाई में,

हम मिलेंगे तुम्हारे दिल की गहराई में|