यकीन बन के लोग जिन्दगी में आते हैं,
ख्वाब बन के आँखों में समा जाते हैं|
पहले तो यकीन दिलाते हैं कि वे हमारे हैं,
फिर न जाने क्यों तन्हा छोड़ जाते हैं|
यकीन बन के लोग जिन्दगी में आते हैं,
ख्वाब बन के आँखों में समा जाते हैं|
पहले तो यकीन दिलाते हैं कि वे हमारे हैं,
फिर न जाने क्यों तन्हा छोड़ जाते हैं|
मैं तुम्हें प्यार करता हूँ, लेकिन कभी तो नजर मिलाओ,
क्योंकि मेरा दिल कहता है ‘आप मुझे अच्छे लगने लगे’|
मुझे याद तेरी इतना तडपाये, हर लड़की में तेरा चेहरा नजर आये,
मुझे जब भी आवाज आये, तेरे दिल के पुकारने की आवाज आये|
कजरा गजरा महक रहा है, आलिंगन को तरस रहे हैं,
आज प्रिय के अंग से लगने तन और मन सब तरस रहे हैं|
रोते रोते दिन कटता है, तड़प कर रात|
भूल न पाता एक घड़ी भी प्यारी तेरी बात|
रात के अँधेरे में सारा जहाँ सोता है,
किसी की याद में ये दिल रोता है,
खुदा करे की किसी पर कोई फ़िदा न हो,
अगर हो तो मौत से पहले जुदा न हो|
काश आपका घर मेरे घर ले करीब होता,
मिलना न सही देखना तो नसीब होता|
फूल पत्थर से टकराया तो, तुफान-ए-सागर बन गया,
जख्म खाया प्यार में तो, नाम मेरा आशिक बन गया|
याद करते हैं जब भी अपनों को, यादों से दिल भर जाता है|
कभी साथ हुआ करते थे हम, अब मिलने को दिल तरस जाता है|
जिन्दगी तेरे बिन अधूरी है, न जाने क्यों हमारे बीच यह दूरी है|
सोचता हूँ कभी भुला दूँ तुझे, पर रातों को तेरी याद आती है|
जिन्दगी भर पढ़ता रहूँ, ऐसी कहानी दे दो|
जिन्दगी भर चाहता रहूँ, ऐसी सुहानी शाम दे दो|
हम तेरे प्यार में ऐसे दीवाने हुए की चारों पहर बस
आँखों में तेरा ही चेहरा, धड़कन में तेरी ही यादें रहती हैं|
सोने की कलम सोने की दवात
गोरी गोरे गोरे बाँहों से लिखना जवाब|
भवरें कहते हैं की चमन बदला है,
तारे कहते हैं की गगन बदला है,
मगर आसमान कि खामोशियाँ कहती है कि
लाश वही है सिर्फ कफ़न बदला है |
एक जाम शाम के नाम, एक जाम उल्फत के नाम,
एक जाम वफ़ा के नाम, पूरी बोतल बेवफा के नाम|