करूँ वंदन हे शिव नंदन तेरे चरणों की धूल है चन्दन

करूँ वंदन हे शिव नंदन तेरे चरणों की धूल है चन्दन

करूँ वंदन हे शिव नंदन,
तेरे चरणों की धूल है चन्दन,
तेरी जय हो गजानन जी,
जय जय हो गजानन जी।।

विघ्न अमंगल तेरी कृपा से,
मिटते है गजराज जी,
विश्व विनायक बुद्धि विधाता,
श्री गणपति गजराज जी,
जब भी मन से करूँ अभिनन्दन,
अंतर मन हो जाए पावन,
तेरी जय हो गजानन जी,
जय जय हो गजानन जी।

करूं वंदन हें शिव नंदन,
तेरे चरणों की धूल है चन्दन,
तेरी जय हो गजानन जी,
जय जय हो गजानन जी।।

रिद्धि सिद्धि के संग तिहारो,
सोहे मूस सवारी,
शुभ और लाभ के संग पधारो,
भक्तन के हितकारी,
काटो क्लेश कलह के बंधन,
हे लम्बोदर हे जग वंदन,
तेरी जय हो गजानन जी,
जय जय हो गजानन जी।

करूं वंदन हें शिव नंदन,
तेरे चरणों की धूल है चन्दन,
तेरी जय हो गजानन जी,
जय जय हो गजानन जी।।

देवो में है प्रथम पूज्य,
हे एकदंत शुभकारी,
वंदन करे ‘देवेंद्र’ उमासूत,
पर जाऊँ बलिहारी,
करता ‘कुलदीप’ महिमा मंडन,
‘बादल’ विघ्नेश्वर का सुमिरण,
तेरी जय हो गजानन जी,
जय जय हो गजानन जी।।

करूं वंदन हें शिव नंदन,
तेरे चरणों की धूल है चन्दन,
तेरी जय हो गजानन जी,
जय जय हो गजानन जी।।

करूँ वंदन हे शिव नंदन,
तेरे चरणों की धूल है चन्दन,
तेरी जय हो गजानन जी,
जय जय हो गजानन जी।।

 



राष्ट्रनायकों के प्रेरक विचार

“जिसको न निज-गौरव तथा निज-देश का अभिमान है। वह नर नहीं, नर पशु निरा है, और मृतक समान है” – मैथिलीशरण गुप्त

देशभक्ति मानव-मात्र का धर्म है। इसके बिना मानव पशु के समान होता है। देशभक्ति मनुष्य के रक्त में होती है। तभी तो रक्त की अन्तिम बूँद एवं अपनी अन्तिम श्वास तक देशभक्त देश के लिए जीवित रहता है –

क्या आप जानते हैं कि ये वाक्य किस-किस देशभक्त ने कहे हैं?

1. “सवा लाख से एक लड़ाऊँ” –  गुरु गोविन्द सिंह

2 “स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है” – लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक

3. न्यायाधीश के पूछने पर किसने कहा, “मेरा नाम ‘आज़ाद’, मेरे पिता का नाम ‘स्वतंत्र’और मेरा निवास स्थान भारतमाता के चरणों में है’ – चन्द्रशेखर आजाद

4. “अंग्रेजों भारत छोड़ो” – महात्मा गाँधी

5. “मैं अपनी झाँसी नहीं दूंगी” – रानी लक्ष्मीबाई

6. ” अपना राज्य बुरा होने पर भी विदेशी राज्य से सौ गुना अच्छा है” – महर्षि दयानन्द सरस्वती

7. ‘सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है” – रामप्रसाद बिस्मिल

8. दो आजन्म कारावास का दण्ड सुनाए जाने पर किस महापुरुष ने यह वाक्य कहा “अंग्रेजों! तुम्हारा राज्य पचास वर्ष नहीं रहेगा” – वीर विनायक दामोदर सावरकर

9. “भारत हिन्दू राष्ट्र है” – डॉ० केशव बलिराम हेडगेवार

10. कर्म, ज्ञान और भक्ति इन तीनों का जिस जगह ऐक्य होता है, वही श्रेष्ठ पुरुषार्थ है  – श्री अरविन्द

11. शिक्षा का अर्थ है उस पूर्णता को व्यक्त करना जो मनुष्यों में पहले से विद्यमान है  – स्वामी विवेकानंद

12. स्वदेश और स्वजाति की उन्नति के मंगल मंदिर का सिंहद्वार है- ‘मातृभाषा’ – लक्ष्मीनाथ बेजबरुआ


हमारे राष्ट्रीय नायक

मोरोपंत पिंगळे

मोरेश्वर तथा मोरोपंत नीळकंठ पिंगळे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अग्रणी नेता थे, उन्हें मराठी में ‘हिन्दू जागरणाचा सरसेनानी (हिन्दू जनजागरण का सेनापति) की उपाधि से विभूषित किया जाता है। आपका जन्म सन 1919 के 30 दिसंबर को मध्यप्रदेश के जबलपुर में हुआ। वे 1930 में संघ स्वयंसेवक बने और डॉ. हेडगेवारजी का सान्निध्य उन्हें प्राप्त हुआ। उन्होंने नागपुर के मॉरिस कॉलेज से बी.ए. तक की शिक्षा पूर्ण करके 1941 में प्रचारक जीवन की शुरुआत की और विभाग से लेकर अखिल भारतीय स्तर पर हर तरह की जिम्मेदारी का निर्वहन किया।

श्री मोरोपंतजी ने बहुत सारे कार्यों को हाथ में लेकर पूर्णता तक पहुंचाया, परन्तु कुछ ऐसे विशेष कार्य है जिनका उल्लेख आवश्यक है।

छत्रपति शिवाजी महाराज की 300वीं पुण्यतिथि के अवसर पर महाराष्ट्र में रायगढ़ पर भव्य कार्यक्रम की योजना बनाई। आन्ध्र प्रदेश स्थित परमपूज्य डॉ. हेडगेवारजी के पैतृक गांव कन्दुकुर्ती में उनके परिवार के कुलदेवता के मंदिर को उन्होंने भव्य रूप दिया। नागपुर में स्मृतिमंदिर के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। किला पारडी (गुजरात) के पंडित सातवळेकरजी के स्वाध्याय मंडल के कार्य की पुनर्रचना उन्होंने की।

विश्व हिन्दू परिषद् के स्थापना में उनका बहुत बड़ा योगदान रहा तथा उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिन्दू परिषद के बीच समन्वयक की महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। महाराष्ट्र में वनवासी क्षेत्र में अलग अलग प्रकल्प जैसे ‘ठाणेका देवबांध प्रकल्प’, ‘कळवा स्थित कुष्ठरोग निर्मूलन प्रकल्प’ का प्रारंभ किया। महाराष्ट्र के सहकारी क्षेत्र में स्वयंसेवकों द्वारा संचालित बैंक की स्थापना में मोरोपंत का बड़ा योगदान रहा। व्यावसायिक क्षेत्र में लघु उद्योग भारती की स्थापना उन्होंने की। (more…)


बादाम तेल के फायदे

बादाम तेल के फायदे

बादाम तेल के इस्तेमाल के कई लाभ हैं।

बादाम तेल का इस्तेमाल आप सेहत के लिए भी कर सकती हैं और खूबसूरती के लिए भी। बादाम की तरह इसका तेल भी पोषक तत्व और खनिजों से युक्त होता है। बादाम तेल का सेवन एक ओर जहां दिल की सेहत के लिए अच्छा है वहीं यह दिमागी सेहत के लिए भी फायदेमंद माना गया है। बादाम शरीर रोग प्रतिरोधी प्रणाली यानी इम्यून सिस्टम को बूस्ट करता है।

बादाम तेल के फायदे निम्नलिखित हैं :

बालों को बनाएं मजबूत

बादाम के तेल में वे पोषक तत्व होते हैं जो बालों के लिए लाभकारी हैं | बादाम तेल के नियमित इस्तेमाल से बाल मजबूत और चमकदार बन सकते हैं | अगर आपको लंबे बाल पसंद है तो इसे लगाने से आपके बालों को मजबूती मिलेगी | यह स्कैल्प से जुड़ी समस्याओं में भी फायदेमंद हो सकता है | अगर आप बाल गिरने की समस्या से परेशान हैं तो इसमें भी बादाम का तेल आपकी मदद करेगा | यह बालों का पोषण भी करता है। (more…)


Happy New Year 2022 – Wishing Images and Messages

Happy New Year 2022 – Wishing Images and Messages

List of wishes, messages, and quotes for Happy New Year 2022:
Advance Happy New Year 2022: Wishes

  • Happy New Year now and always!
  • May your most used attire in the New Year be a smile.
  • Have a wonderful New Year surrounded by those that mean the most!
  • May you have a prosperous New Year.
  • Wishing you a happy, healthy New Year.
  • May the New Year bless you with health, wealth, and happiness.
  • In the New Year, may your right hand always be stretched out in friendship, never in want.
  • May your teeth be white, your eyes are bright, and your capacity for love at its height!
  • May the New Year see you loving, giving, and living!

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