समस्या के कारण जानने से मिलता है समाधान : महात्मा बुद्ध

समस्या के कारण जानने से मिलता है समाधान : महात्मा बुद्ध

एक दिन महात्मा बुद्ध जब प्रवचन हेतु पहुंचे तो उनके हाथ में एक रुमाल था| आसन पर बैठने के बाद उन्होंने रुमाल में थोड़ी-थोड़ी जगह छोड़कर पाँच गांठें लगा दी|
फिर बुद्ध ने शिष्यों से पूछा, ‘क्या यह वही रुमाल है जो गांठें लगने के समय के पहले था?’
एक विद्वान शिष्य ने कहा, ‘रुमाल तो वही है, क्योंकि इसमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ है| दूसरी दृष्टि से देखें तो पहले इसमें पांच गांठें नहीं लगी थी, अतः रुमाल पहले जैसा नहीं रहा| जहां तक इसकी मूल प्रकृति का प्रश्न है, वह नहीं बदला है| इसका केवल बाहरी रूप बदला है, इसका पदार्थ और इसकी मात्रा वही है|’ (more…)


राष्ट्रनायकों के प्रेरक विचार

“जिसको न निज-गौरव तथा निज-देश का अभिमान है। वह नर नहीं, नर पशु निरा है, और मृतक समान है” – मैथिलीशरण गुप्त

देशभक्ति मानव-मात्र का धर्म है। इसके बिना मानव पशु के समान होता है। देशभक्ति मनुष्य के रक्त में होती है। तभी तो रक्त की अन्तिम बूँद एवं अपनी अन्तिम श्वास तक देशभक्त देश के लिए जीवित रहता है –

क्या आप जानते हैं कि ये वाक्य किस-किस देशभक्त ने कहे हैं?

1. “सवा लाख से एक लड़ाऊँ” –  गुरु गोविन्द सिंह

2 “स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है” – लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक

3. न्यायाधीश के पूछने पर किसने कहा, “मेरा नाम ‘आज़ाद’, मेरे पिता का नाम ‘स्वतंत्र’और मेरा निवास स्थान भारतमाता के चरणों में है’ – चन्द्रशेखर आजाद

4. “अंग्रेजों भारत छोड़ो” – महात्मा गाँधी

5. “मैं अपनी झाँसी नहीं दूंगी” – रानी लक्ष्मीबाई

6. ” अपना राज्य बुरा होने पर भी विदेशी राज्य से सौ गुना अच्छा है” – महर्षि दयानन्द सरस्वती

7. ‘सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है” – रामप्रसाद बिस्मिल

8. दो आजन्म कारावास का दण्ड सुनाए जाने पर किस महापुरुष ने यह वाक्य कहा “अंग्रेजों! तुम्हारा राज्य पचास वर्ष नहीं रहेगा” – वीर विनायक दामोदर सावरकर

9. “भारत हिन्दू राष्ट्र है” – डॉ० केशव बलिराम हेडगेवार

10. कर्म, ज्ञान और भक्ति इन तीनों का जिस जगह ऐक्य होता है, वही श्रेष्ठ पुरुषार्थ है  – श्री अरविन्द

11. शिक्षा का अर्थ है उस पूर्णता को व्यक्त करना जो मनुष्यों में पहले से विद्यमान है  – स्वामी विवेकानंद

12. स्वदेश और स्वजाति की उन्नति के मंगल मंदिर का सिंहद्वार है- ‘मातृभाषा’ – लक्ष्मीनाथ बेजबरुआ


हौसला और विश्वास

डाली से टूटा फूल फिर से नहीं लग सकता है मगर डाली मजबूत हो तो उस पर नया फूल खिल सकता है,

इसी तरह जिंदगी में खोये पल को वापिस ला नहीं सकते मगर हौंसले और विश्वास से आने वाले हर पल को खूबसूरत बना सकते हैं।

शुभ प्रभात ।।



Quote of the day – 26 May 2020

“The absence of alternatives clears the mind marvelously.”

‐ Henry A. Kissinger, Nobel Laureate and former American Foreign Minister

 

 

“विकल्पों का न होना बुद्धि को बढ़िया ढंग से परिमार्जित कर देता है।”

‐ हेनरी ए किसिंगर, नोबेल विजेता व भूतपूर्व अमरीकी विदेश मंत्री




Quote of the day – 23 May 2020

“The old law about ‘an eye for an eye’ leaves everybody blind.”

‐ Martin Luther King, Jr.

“’आंख के बदले आंख’ के प्राचीन सिद्धान्त से तो एक दिन सभी अंधे हो जाएंगे।”

‐ मार्टिन लुथर किंग, जूनियर


Quote of the day – 22 May 2020

“He who is fixed to a star does not change his mind.”

‐ Leonardo da Vinchi (1452-1519), Italian Artist, Composer and Scientist

“जो व्यक्ति किसी तारे से बंधा होता है वह पीछे नहीं मुड़ता।”

‐ लेओनार्दो दा विंची (1452-1519), इतालवी कलाकार, संगीतकार एवं वैज्ञानिक


Quote of the day – 21 May 2020

“Be like a postage stamp. Stick to one thing until you get there.”

‐ Josh Billings (1818-1885)

“डाक टिकट की तरह बनिए, मंजिल पर जब तक न पहुंच जाएं उसी चीज़ पर जमे रहिए।”

‐ जोश बिलिंग्स (1818-1885)