हसीं ने लबों पर थिरकना छोड़ दिया,
ख्वाबों ने नींद में आना छोड़ दिया|
नहीं आती अब तो हिचकियाँ भी,
लगता है अपनों ने याद करना छोड़ दिया|
हसीं ने लबों पर थिरकना छोड़ दिया,
ख्वाबों ने नींद में आना छोड़ दिया|
नहीं आती अब तो हिचकियाँ भी,
लगता है अपनों ने याद करना छोड़ दिया|
