मेरे बिना क्या अपनी ज़िंदगी गुज़ार लोगे तुम…??🌹
इश्क़ हूँ, कोई बुखार नहीं जो दवा से उतार लोगे तुम….!🌹

मेरे बिना क्या अपनी ज़िंदगी गुज़ार लोगे तुम…??🌹
इश्क़ हूँ, कोई बुखार नहीं जो दवा से उतार लोगे तुम….!🌹

गीत की जरुरत महफ़िल में होती है,
प्यार की जरुरत हर दिल में होती है,
बिन दोस्त के अधूरी है जिन्दगी,
क्योंकि दोस्त की जरुरत हर पल होती है|
मिलना इत्तेफाक था, बिछड़ना नसीब था,
उतना ही दूर हो गया वो जितना करीब था,
मैं उस दोस्त को ढूढ़ता ही रह गया,
जिसकी हथेली पर लिखा मेरा नसीब था|
तेरी जुल्फों के साये में सो जायेंगे,
वहीँ से तेरे लबों का रंग चुरायेंगे,
तेरे आस पास तो रह न सके जानेमन,
सोचा की तेरे दिल में हो आशियाँ बनायेंगे|
समुन्द्र की गहराई से ज्यादा था उनसे प्यार,
खुदा की खुदाई से ज्यादा था उनपे ऐतबार,
एक रोज जो किया हमने, हमारे इश्क का इजहार,
न जाने क्यों था उनके लबों पे इंकार|
सुना था कभी किसी से ,
ये मोहब्बत की दुनिया है ,
हमने भी दिल लगा के देखा तो ये जाना ,
मतलब की दुनिया है और ,ये तो जालिमों से भरा है !!
अहसास के मोती जब अश्कों में नहाते हैं,
कुछ नर्म गुनाहों का मंदिर सा बनाते हैं,
नदियाँ हैं सरोवर हैं, बादल हैं, समंदर हैं,
लगता है की हम आसूं बेकार बहाते हैं|
खुदा सलामत रखे मेरे महबूब को,
जिसका नाम हम लिए जाते हैं,
उसका हर गम हर तकलीफ अपनाकर,
अपनी उम्र उसके नाम किये जाते हैं|
जो दिल के करीब थे वो दिल से जुदा हो गए,
सारे हसीं ख्वाब चूर हो गये,
हमें वफ़ा कर बदनामी मिली
और वो बेवफा मशहूर हो गये|
कितनी जल्दी मुलाकात गुजर जाती है,
बुझती नहीं प्यास और बरसात गुजर जाती है,
यादों से कहो इस तरह आया न करें,
आती नहीं नींद और रात गुजर जाती है|
काँटों से उन्हें क्यों हो खौफ
जिनके सीने में तीर लगी हो,
वो चिंगारियों से क्या डरेंगे जिनके
दिल में मोहब्बत की आग लगी हो|
शरीफों को शराफत ने मार डाला,
आशिकों को मोहब्बत ने मार डाला,
हसीनों को नजाकत ने मार डाला,
और हमें आपकी बेवफाई ने मार डाला|