याद करते हैं जब भी अपनों को, यादों से दिल भर जाता है|
कभी साथ हुआ करते थे हम, अब मिलने को दिल तरस जाता है|
जिन्दगी तेरे बिन अधूरी है, न जाने क्यों हमारे बीच यह दूरी है|
सोचता हूँ कभी भुला दूँ तुझे, पर रातों को तेरी याद आती है|
याद करते हैं जब भी अपनों को, यादों से दिल भर जाता है|
कभी साथ हुआ करते थे हम, अब मिलने को दिल तरस जाता है|
जिन्दगी तेरे बिन अधूरी है, न जाने क्यों हमारे बीच यह दूरी है|
सोचता हूँ कभी भुला दूँ तुझे, पर रातों को तेरी याद आती है|
जिन्दगी भर पढ़ता रहूँ, ऐसी कहानी दे दो|
जिन्दगी भर चाहता रहूँ, ऐसी सुहानी शाम दे दो|
हम तेरे प्यार में ऐसे दीवाने हुए की चारों पहर बस
आँखों में तेरा ही चेहरा, धड़कन में तेरी ही यादें रहती हैं|
सोने की कलम सोने की दवात
गोरी गोरे गोरे बाँहों से लिखना जवाब|
भवरें कहते हैं की चमन बदला है,
तारे कहते हैं की गगन बदला है,
मगर आसमान कि खामोशियाँ कहती है कि
लाश वही है सिर्फ कफ़न बदला है |
एक जाम शाम के नाम, एक जाम उल्फत के नाम,
एक जाम वफ़ा के नाम, पूरी बोतल बेवफा के नाम|
तुमसे कोई अच्छा हुआ तो रब से शिकायत होगी,
तुम्हारी तरफ कोई नजर उठी तो कयामत से पहले कयामत होगी|
दूर जाकर भी हम दूर जा न सके
कितना रोये हम किसी को बता न सके|
गम इसका नहीं की वो हमें मिल न सके
दर्द तो यह है हम उनको भुला न सके|
करे तू इतना क्यों फैशन, बिना बदल क्या बरसेगी,
प्यार करना है तो अभी कर ले वरना बाद में तरसेगी|
चाँद छुपा आकाश के अन्दर
चेहरा छुपा नकाब के अन्दर,
सच कहता हूँ जो नशा आपकी आँखों में
है वो कहा शराब के अन्दर|