एक कवि अपनी पत्नी के साथ बैठकर टीवी देख रहा था.
तभी उसकी प्रेमिका का मिस कॉल आया.
उन्होंने मेसेज भेजकर जवाब दिया.
कवि – हवा की लहर बनकर, तू मेरी खिड़की ना खटखटा..
मैं बंद दरवाजे में तूफ़ान समेटे बैठा हूं.
एक कवि अपनी पत्नी के साथ बैठकर टीवी देख रहा था.
तभी उसकी प्रेमिका का मिस कॉल आया.
उन्होंने मेसेज भेजकर जवाब दिया.
कवि – हवा की लहर बनकर, तू मेरी खिड़की ना खटखटा..
मैं बंद दरवाजे में तूफ़ान समेटे बैठा हूं.
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