जिन्दगी नहीं हमें तुमसे प्यारी,
तुम पर हाजिर है जान हमारी,
आखों में हमारे आसूं हैं तो क्या हुआ,
जान से भी प्यारी है मुस्कान तुम्हारी|
जिन्दगी नहीं हमें तुमसे प्यारी,
तुम पर हाजिर है जान हमारी,
आखों में हमारे आसूं हैं तो क्या हुआ,
जान से भी प्यारी है मुस्कान तुम्हारी|