उसको बिना देखे उसकी तस्वीर बना सकता हूँ,
उसको बिना छुए उसका हाल बता सकता हूँ,
मेरी मोहब्बत में इतना दम है कि
अपने आँखों के आंसूं उसकी आँखों से बहा सकता हूँ|
उसको बिना देखे उसकी तस्वीर बना सकता हूँ,
उसको बिना छुए उसका हाल बता सकता हूँ,
मेरी मोहब्बत में इतना दम है कि
अपने आँखों के आंसूं उसकी आँखों से बहा सकता हूँ|
वो चाँद है पर आपसे सुन्दर तो नहीं
परवाने का शमा के बिना गुजारा तो नहीं
मेरे दिल ने सुनी है एक मीठी सी आवाज
कहीं आपने मुझे पुकारा तो नहीं|

जमाने से बहुत अलग हो तुम,
वो नसीब वाला है जिसके पास हो तुम,
हमारे लिए वो वक़्त ही हसीं हैं,
जब हमें याद करके दिल से मुस्कुराते हो तुम|
गीत की जरुरत महफ़िल में होती है,
प्यार की जरुरत हर दिल में होती है,
बिन दोस्त के अधूरी है जिन्दगी,
क्योंकि दोस्त की जरुरत हर पल होती है|
मिलना इत्तेफाक था, बिछड़ना नसीब था,
उतना ही दूर हो गया वो जितना करीब था,
मैं उस दोस्त को ढूढ़ता ही रह गया,
जिसकी हथेली पर लिखा मेरा नसीब था|
जिन्दगी नहीं हमें तुमसे प्यारी,
तुम पर हाजिर है जान हमारी,
आखों में हमारे आसूं हैं तो क्या हुआ,
जान से भी प्यारी है मुस्कान तुम्हारी|
तेरी जुल्फों के साये में सो जायेंगे,
वहीँ से तेरे लबों का रंग चुरायेंगे,
तेरे आस पास तो रह न सके जानेमन,
सोचा की तेरे दिल में हो आशियाँ बनायेंगे|
समुन्द्र की गहराई से ज्यादा था उनसे प्यार,
खुदा की खुदाई से ज्यादा था उनपे ऐतबार,
एक रोज जो किया हमने, हमारे इश्क का इजहार,
न जाने क्यों था उनके लबों पे इंकार|
दिल में बसा कर क्या करूंगा तुमको ,
मैं तुम्हें खुद में संमा लूंगा ।
चलो कहीं , ठहरो कहीं , नदी बन कर ,
मैं सागर की तरह तुमको खुद में मिला लूंगा ।।
दुनियावी प्यार में क्या रख्खा है ,
मैं तुम्हें सूफियाना इश्क का मजा दूंगा ।
बेरोकटोक जिंदगी हो अपनी शर्तों पर ,
मैं तुम्हें हर बुरी नजर से बचा लूंगा ।।
बोल दे जितना जरूरी हो चुप रहकर ,
मैं आंखों ही आंखों में सब उगलवा लूंगा ।
जीत जाएगा तेरा और मेरा जीवन ,
जब तेरी रूह को मैं अपनी रूह में समा लूंगा ।।
सितम को हमने बेरुखी समझा,
प्यार को हमने बंदगी समझा,
तुम चाहे मुझे जो समझो,
हमने तो तुम्हें अपनी जिन्दगी समझा|
शाम ढली फिर काली रात आयी,
दिल धड़का फिर तेरी याद आयी,
दिल ने महसूस किया उन हवाओं को,
जो तुम्हें छूकर मेरे पास आयी|