Tag: Love Sms

  • जब हमें याद करके दिल से मुस्कुराते हो तुम

    जमाने से बहुत अलग हो तुम,

    वो नसीब वाला है जिसके पास हो तुम,

    हमारे लिए वो वक़्त ही हसीं हैं,

    जब हमें याद करके दिल से मुस्कुराते हो तुम|

  • ज़िंदगी गुज़ार लोगे तुम

    मेरे बिना क्या अपनी ज़िंदगी गुज़ार लोगे तुम…??🌹

    इश्क़ हूँ, कोई बुखार नहीं जो दवा से उतार लोगे तुम….!🌹

  • दोस्त की जरुरत हर पल होती है

    गीत की जरुरत महफ़िल में होती है,

    प्यार की जरुरत हर दिल में होती है,

    बिन दोस्त के अधूरी है जिन्दगी,

    क्योंकि दोस्त की जरुरत हर पल होती है|

  • मिलना इत्तेफाक था

    मिलना इत्तेफाक था, बिछड़ना नसीब था,

    उतना ही दूर हो गया वो जितना करीब था,

    मैं उस दोस्त को ढूढ़ता ही रह गया,

    जिसकी हथेली पर लिखा मेरा नसीब था|

  • जान से भी प्यारी है मुस्कान तुम्हारी

    जिन्दगी नहीं हमें तुमसे प्यारी,

    तुम पर हाजिर है जान हमारी,

    आखों में हमारे आसूं हैं तो क्या हुआ,

    जान से भी प्यारी है मुस्कान तुम्हारी|

  • तेरी जुल्फों के साये में सो जायेंगे

    तेरी जुल्फों के साये में सो जायेंगे,

    वहीँ से तेरे लबों का रंग चुरायेंगे,

    तेरे आस पास तो रह न सके जानेमन,

    सोचा की तेरे दिल में हो आशियाँ बनायेंगे|

    समुन्द्र की गहराई से ज्यादा था उनसे प्यार,

    खुदा की खुदाई से ज्यादा था उनपे ऐतबार,

    एक रोज जो किया हमने, हमारे इश्क का इजहार,

    न जाने क्यों था उनके लबों पे इंकार|

  • जब तेरी रूह को मैं अपनी रूह में समा लूंगा

    दिल में बसा कर क्या करूंगा तुमको ,

    मैं तुम्हें खुद में संमा लूंगा ।

    चलो कहीं , ठहरो कहीं , नदी बन कर ,

    मैं सागर की तरह तुमको खुद में मिला लूंगा ।।

    दुनियावी प्यार में क्या रख्खा है ,

    मैं तुम्हें सूफियाना इश्क का मजा दूंगा ।

    बेरोकटोक जिंदगी हो अपनी शर्तों पर ,

    मैं तुम्हें हर बुरी नजर से बचा लूंगा ।।

    बोल दे जितना जरूरी हो चुप रहकर ,

    मैं आंखों ही आंखों में सब उगलवा लूंगा ।

    जीत जाएगा तेरा और मेरा जीवन ,

    जब तेरी रूह को मैं अपनी रूह में समा लूंगा ।।

  • हमने तो तुम्हें अपनी जिन्दगी समझा

    सितम को हमने बेरुखी समझा,

    प्यार को हमने बंदगी समझा,

    तुम चाहे मुझे जो समझो,

    हमने तो तुम्हें अपनी जिन्दगी समझा|

  • हम आसूं बेकार बहाते हैं

    अहसास के मोती जब अश्कों में नहाते हैं,

    कुछ नर्म गुनाहों का मंदिर सा बनाते हैं,

    नदियाँ हैं सरोवर हैं, बादल हैं, समंदर हैं,

    लगता है की हम आसूं बेकार बहाते हैं|

  • खुदा सलामत रखे मेरे महबूब को, जिसका नाम हम लिए जाते हैं

    खुदा सलामत रखे मेरे महबूब को,

    जिसका नाम हम लिए जाते हैं,

    उसका हर गम हर तकलीफ अपनाकर,

    अपनी उम्र उसके नाम किये जाते हैं|