जुदा हो के देखो कि क्या होती है जुदाई,
प्यार करके देखो कि क्या होती है बेवफाई,
कभी अकेले होकर महसूस कीजिये ए चाँद,
तब पता लगेगा कि क्या होती है तन्हाई |
जुदा हो के देखो कि क्या होती है जुदाई,
प्यार करके देखो कि क्या होती है बेवफाई,
कभी अकेले होकर महसूस कीजिये ए चाँद,
तब पता लगेगा कि क्या होती है तन्हाई |
जिस चमन से गुजर जाओ, हर कली पर निखार आ जाये,
तुम रूठों तो रूठ जाये खुदा, हंस दो तो बहार आ जाये |
तुम्हारी उड़ती हुई जुल्फों को देखकर दिल मचल जाता है,
जब तुम मेरे करीब होती हो तो कदम बहक जाता है |
वह दिन, दिन नहीं, वह रात, रात नहीं,
वह पल, पल नहीं, जिसमें आपकी याद नहीं,
हमें कोई आपसे जुदा कर सके,
मौत की भी इतनी औकात नहीं|
फूल सूख जाते हैं, एक वक्त के बाद,
लोग बदल जाते हैं, एक वक्त के बाद,
अपनी भी दोस्ती टूटेगी, एक वक्त के बाद,
पर वो वक्त होगा, मेरी मौत के बाद |
तुम्हारी जुल्फों के साये में ना जाने कब शाम हो गयी,
तुमसे जो जुदा हुए तो ये शाम वीरान हो गयी |
अपनी बेबसी पे हम ढेरों आँसूं बहाते हैं,
तेरे साथ गुजारे लम्हें जब याद आते हैं |
जब याद तुम्हारी आती है, तब दर्द जिगर में होता है,
जब सारी दुनिया सोती है, तब हर रोज रात को रोता हूँ |
मैं एक दीवाना तो नहीं, तेरी इन आँखों ने दीवाना बना दिया,
मैं जीता तो नहीं, तेरी इन सांसों ने जीना सिखा दिया|
गम तो इसका भी नहीं कि तू मेरी हो न सकी,
गम तो इस बात का है कि तूने मोहब्बत से भरोसा ही उठा दिया|

मेरा गम तेरी जज्बात से बेहतर होगा,
मेरा दिन तेरी हर रात से बेहतर होगा|
यकीन न आये तो डोली से झांककर देख लेना,
मेरा जनाजा भी तेरी बारात से बेहतर होगा|
कभी कभी दिल उदास होता है,
हल्का – सा आँखों में एहसास होता है,
छलकते हैं मेरी आँखों से आँसूं,
जब तुम्हारे दूर होने का एहसास होता है|
न तस्वीर है तुम्हारी जो दीदार किया जाये,
न तुम पास हो जो प्यार किया जाये,
यह कौन सा दर्द दिया है आपने,
न कुछ कहा जाये न तुम बिन रहा जाये|
तुम्हारी जुदाई सह न सकेंगे,
हाल – ए – दिल कह न सकेंगे,
जानते हैं की यह मिलन नहीं संभव,
लेकिन तेरे बिन रह न सकेंगे|
पलकों से अश्क मेरे रुकते नहीं हैं,
लोग मेरा गम समझते नहीं हैं|
उम्र भर साथ तुम्हारा भूल न पाएंगे,
प्यार करेंगे इतना की याद तुम्हें भी आयेंगे,
मरकर छोड़ देता है, जिस्म यह दुनिया,
हम वह आशिक हैं, जो मरकर भी साथ निभाएंगे|
चले भी आओ, हम तुम्हीं से प्यार करते हैं,
यह वह गुनाह हैं, जो हम बार बार करते हैं,
जलाकर इस दिल को मोहब्बत में,
तुम्हारे आने का इंतजार करते हैं|
कहाँ तक ये मन को अँधेरे छलेंगे
उदासी भरे दिन, कभी तो ढलेंगे
कभी सुख, कभी दुःख, यही ज़िन्दगी है
ये पतझड़ का मौसम, घड़ी दो घड़ी है
नए फूल कल फिर डगर में खिलेंगे
उदासी भरे दिन…
भले तेज़ कितना हवा का हो झोंका
मगर अपने मन में तू रख ये भरोसा
जो बिछड़े सफ़र में तुझे फिर मिलेंगे…
“Storms make trees take deeper roots.”
‐ Claude McDonald
“तूफ़ानों से पेड़ों की जड़ें और गहरी व मज़बूत होती है।”
‐ क्लॉड मैक्डॉनल्ड
Humare saath saath
Humare saath saath
woh bhi guzar rahe hai,
bheege asmaan me
sukhe sapne pade hai.
~ Rohan Singh (Email Shayri)
यारा तुझे तेरी मन्जिल गले से लगा ले …
किया हमने तुझको रब के हवाले
बहुत याद आती है
दिल बहुत टूट कर रोता है बहुत
यारा भगवान खुश रखना हमेशा उसे
जो भी दर्द तक़लीफ़ हो मेरे हिस्से में आ जाये…
रात गुमसुम हैं मगर चाँद खामोश नहीं,
कैसे कह दूँ फिर आज मुझे होश नहीं,
ऐसे डूबा तेरी आँखों के गहराई में आज,
हाथ में जाम हैं, मगर पीनेे होश नहीं|