“In my friend, I find a second self.”
- Isabel Norton
“अपने मित्र में मुझे अपनी एक और अस्मिता दिखाई देती है।”
‐ इसाबेल नॉर्टन
“In my friend, I find a second self.”
“अपने मित्र में मुझे अपनी एक और अस्मिता दिखाई देती है।”
‐ इसाबेल नॉर्टन
गलती उसी से होती है,
जो मेहनत से काम करता है,
निक्कामों की जिन्दगी तो दूसरों,
की बुरे खोजने में ख़त्म हो जाती है!!

आखों से करती हो बात, होंठों से क्यों नहीं,
डर है तुम्हें ज़माने का, या मुझ पे यकीं नहीं.
करता हूँ जब तुमसे फरियाद
तो तुम मुझे खुदगर्ज समझ लेती हो,
जब ढूढोगी तुम गैरों में कोई अपना
तो तुम्हें मेरा ही चेहरा नजर आएगा
उन को चाहना मेरी मोहब्बत है
उन्हें कह न पाना मेरी मजबूरी है
वो खुद क्यों नही समझता मेरे दिल की बात को
क्या प्यार का इज़हार करना ज़रूरी है ….
प्यार का बदला कभी चुका न सकेंगे,
चाह कर भी आपको भुला न सकेंगे,
तुम ही हो मेरे लबों की हँसी…
तुमसे बिछड़े तो फिर मुस्कुरा न सकेंगे.
“It doesn’t hurt to be optimistic. You can always cry later.”
“आशावादी होने में क्या कष्ट है? रो तो कभी भी सकते हैं।”
‐ लूसिमार सांतोस द लीमा
“When nobody around you seems to measure up, it’s time to check your yardstick.”
“आपके आसपास के लोगों में से कोई भी जब आपके मानदंडों पर खरा न उतरे तो मान लीजिए कि अपने मानदंडों को फिर से परख लेने का समय आ गया है।”
‐ बिल लेमली
जाने किस जन्म के पुण्यों का फल है, बता भी नहीं रहा है कि कहाँ से ढूंढ कर लाया है। pic.twitter.com/7HtirumLbE
— मुंशी जी™ (@munshi_jee) April 13, 2019
🌷काशिकापुराधिनाथम् भजे🌷
नमामि देवं परमव्ययं तं,
उमापतिं लोकगुरुं नमामि।
नमामि दारिद्रविदारणं तं,
नमामि रोगापहरं नमामि।।
अर्थात- हे परमदेव! अपरिवर्तनीय, और मानव बुद्धि से परे, शिवशम्भु! मैं श्रद्धा और आदर सहित आपको प्रणाम करता हूँ। हे उमापति! जगत के आध्यात्मिक गुरू! आप हम सभी की दरिद्रता, समस्त पापों व रोगों का निवारण करते हैं, मैं आपको सादर नमन् करता हूँ।।
आपको महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं