रस्में उल्फत निभाता कौन है,
दिल से किसी को भुलाता कौन है,
मजबूरियां जुदा कर देती हैं अपनों से,
वरना खुशियों के दामन चुराता कौन है|
रस्में उल्फत निभाता कौन है,
दिल से किसी को भुलाता कौन है,
मजबूरियां जुदा कर देती हैं अपनों से,
वरना खुशियों के दामन चुराता कौन है|
फूलों को सभी चाहते हैं,
काँटों को सभी ठुकराते हैं,
किसी ने ये नहीं सोचा की,
फूल काँटों से पहले मुरझा जाते हैं|
ऐ जिन्दगी यूँ मुझसे दगा न कर,
मैं उससे दूर रहूँ ये दुआ न कर,
कोई देखता है उसे, तो होती है जलन,
ऐ हवा तू भी उसे छुआ न कर|
तेरे आशियाने से जब, हमारा जनाजा गुजरेगा,
तेरी आखों से आसुओं का सिलसिला शुरू हो जायेगा,
चाहकर भी न रोक सकोगी आसुओं को तुम,
शायद उस दिन तुम्हें मेरी मोहब्बत का एहसास हो जायेगा|
शाम होते ही में, घर के चिराग बुझा देता हूँ,
बस दिल ही काफी है, तेरी याद में जलने के लिए|
सिंदूरी शाम, महकी हुयी तन्हाई है,
मुद्दतों बाद तेरी यद् चली आई है,
ऐसे में तू आ जाये, दिल को करार आ जाये,
सुरमई रत फिर से जवान हो जाये|
दिल घबराता है आँख भर आती है,
तू जो रूठे तो मेरी जां निकल जाती है.
जो नसीब में है, वो चलकर आयेगा.
जो नहीं है, वो आकर भी चला जायेगा.
जिंदगी को इतना सीरियस लेने की जरूरत नहीं है दोस्तो,
यहाँ से जिंदा बचकर कोई नहीं जायेगा.
एक सच ये है की…..
अगर जिंदगी इतनी अच्छी होती तो हम इस दुनिया में
रोते रोते ना आते…
लेकिन एक मीठा सच ये भी है की अगर ये जिंदगी बुरी होती
तो हम जाते जाते लोगों को रुलाकर ना जाते…
B Positive in your life and Kep Smiling
कभी दिल, कभी धड़कन…
कभी नज़रें , कभी लब…
हर चीज मुस्कुराने लग जाती है…
तेरे आने की खबर से…!!!