अंजान अंजानी की कहानी – अंजान

पहला प्यार तुम
तुम ही आखिरी
तुम में मैं
मुझ मे तुम
औ मेरे हमदम
सावन की बरसात हो
रिमझिम फुहार हो
तेरा मेरा साथ हो
चाँदनी रात हो
झिलमिलाए तारें
कुछ अनकही बात हो
भीगे हम भीगे तुम
कुछ ऐसी बरसात हो
हाथों मे हाथ लिए चलते रहें
तेरे मेरे कदम साथ साथ हो
पहला प्यार तुम
तुम ही आखिरी
तेरे संग हर दिन हर रात हो
अंजान अंजानी की कहानी
बेमिसाल हो
पहला प्यार तुम
तुम ही आखिरी
तुम मे मैं
मुझमे तुम
औ मेरे हमदम……….

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.