सितम को हमने बेरुखी समझा,
प्यार को हमने बंदगी समझा,
तुम चाहे मुझे जो समझो,
हमने तो तुम्हें अपनी जिन्दगी समझा|
सितम को हमने बेरुखी समझा,
प्यार को हमने बंदगी समझा,
तुम चाहे मुझे जो समझो,
हमने तो तुम्हें अपनी जिन्दगी समझा|
अहसास के मोती जब अश्कों में नहाते हैं,
कुछ नर्म गुनाहों का मंदिर सा बनाते हैं,
नदियाँ हैं सरोवर हैं, बादल हैं, समंदर हैं,
लगता है की हम आसूं बेकार बहाते हैं|
खुदा सलामत रखे मेरे महबूब को,
जिसका नाम हम लिए जाते हैं,
उसका हर गम हर तकलीफ अपनाकर,
अपनी उम्र उसके नाम किये जाते हैं|
शाम ढली फिर काली रात आयी,
दिल धड़का फिर तेरी याद आयी,
दिल ने महसूस किया उन हवाओं को,
जो तुम्हें छूकर मेरे पास आयी|
जो दिल के करीब थे वो दिल से जुदा हो गए,
सारे हसीं ख्वाब चूर हो गये,
हमें वफ़ा कर बदनामी मिली
और वो बेवफा मशहूर हो गये|
सुनो तुम जो कहते हो की तुम
हमेशा खुश रहा करो..
तो सुन लो तुम भी मेरे पास
हमेशा रहा करो..!!
Listen to what you say that you
Always be happy..
So listen to me too
Always be..!!
काँटों से उन्हें क्यों हो खौफ
जिनके सीने में तीर लगी हो,
वो चिंगारियों से क्या डरेंगे जिनके
दिल में मोहब्बत की आग लगी हो|
शरीफों को शराफत ने मार डाला,
आशिकों को मोहब्बत ने मार डाला,
हसीनों को नजाकत ने मार डाला,
और हमें आपकी बेवफाई ने मार डाला|
आपकी जिन्दगी में मेरा कहीं नाम न हो,
सारे जहाँ की ख़ुशी मिले आपको
इस ख़ुशी की कभी शाम न हो|
कुछ बदली बदली दिखती हो
प्यारी प्यारी सी लगती हो,
देखकर मुझको नजर छुपाती हो
क्यों प्यार भरा तोहफा ठुकराती हो|
आखों से करती हो बात, होंठों से क्यों नहीं,
डर है तुम्हें ज़माने का, या मुझ पे यकीं नहीं.
करता हूँ जब तुमसे फरियाद
तो तुम मुझे खुदगर्ज समझ लेती हो,
जब ढूढोगी तुम गैरों में कोई अपना
तो तुम्हें मेरा ही चेहरा नजर आएगा