हर कर्ज दोस्ती का कौन करेगा,
जब हम ही न रहेंगे तो वफ़ा कौन करेगा,
ऐ खुदा मेरी जान को सलामत रखना,
वरना मेरा फ़ोन रिसीव कौन करेगा|

हर कर्ज दोस्ती का कौन करेगा,
जब हम ही न रहेंगे तो वफ़ा कौन करेगा,
ऐ खुदा मेरी जान को सलामत रखना,
वरना मेरा फ़ोन रिसीव कौन करेगा|

आसमां से दूर उस चाँद को देखती हो तुम,
पर शायद तुम्हें पता नहीं,
उस आसमां के चाँद से भी ज्यादा खुबसूरत हो तुम|

याद करते हैं तुम्हें तन्हाई में,
दिल डूबा है गम की गहराई में,
मुझे मत भुलाना दुनिया की लड़ाई में,
हम मिलेंगे तुम्हारे दिल की गहराई में|
दिल से कैसे निकालें मोहब्बत आपकी,
जबकि घर कर गयी है दिल में सूरत आपकी,
क्या बताएं आप से कितनी मोहब्बत है मगर क्यों
हमारे वास्ते है सिर्फ नफरत आपकी|
काश आपका घर मेरे घर ले करीब होता,
मिलना न सही देखना तो नसीब होता|
फूल पत्थर से टकराया तो, तुफान-ए-सागर बन गया,
जख्म खाया प्यार में तो, नाम मेरा आशिक बन गया|
जिन्दगी भर पढ़ता रहूँ, ऐसी कहानी दे दो|
जिन्दगी भर चाहता रहूँ, ऐसी सुहानी शाम दे दो|
हम तेरे प्यार में ऐसे दीवाने हुए की चारों पहर बस
आँखों में तेरा ही चेहरा, धड़कन में तेरी ही यादें रहती हैं|
सोने की कलम सोने की दवात
गोरी गोरे गोरे बाँहों से लिखना जवाब|
भवरें कहते हैं की चमन बदला है,
तारे कहते हैं की गगन बदला है,
मगर आसमान कि खामोशियाँ कहती है कि
लाश वही है सिर्फ कफ़न बदला है |
एक जाम शाम के नाम, एक जाम उल्फत के नाम,
एक जाम वफ़ा के नाम, पूरी बोतल बेवफा के नाम|
तुमसे कोई अच्छा हुआ तो रब से शिकायत होगी,
तुम्हारी तरफ कोई नजर उठी तो कयामत से पहले कयामत होगी|