दूर जाकर भी हम दूर जा न सके
कितना रोये हम किसी को बता न सके|
गम इसका नहीं की वो हमें मिल न सके
दर्द तो यह है हम उनको भुला न सके|
दूर जाकर भी हम दूर जा न सके
कितना रोये हम किसी को बता न सके|
गम इसका नहीं की वो हमें मिल न सके
दर्द तो यह है हम उनको भुला न सके|
निगाहें आपकी पहचान है हमारी
मुस्कराहट आपकी शान है हमारी
ख्याल रखना अपना क्योंकि
सांसें आपकी जान है हमारी|
करे तू इतना क्यों फैशन, बिना बदल क्या बरसेगी,
प्यार करना है तो अभी कर ले वरना बाद में तरसेगी|
चाँद छुपा आकाश के अन्दर
चेहरा छुपा नकाब के अन्दर,
सच कहता हूँ जो नशा आपकी आँखों में
है वो कहा शराब के अन्दर|
दिल भूल नहीं सकता तुम्हें,
धडकनों की जरुरत हो तुम,
तुमसे ही मेरी दुनिया हसीं,
मेरी पहली मोहब्बत हो तुम|
डूब गयी सब यादें उसकी,
रंग धुली और शाम हुयी,
दिल में जो ख्याल आये,
बिखरी और नाकाम हुयी|
बहुत खुबसूरत है हंसी तुम्हारी,
लेकिन तुम मुस्कुराती ही कम हो |
सोचता हूँ देखता रहूँ तुमको
लेकिन तुम नजर आती ही कम हो|
वक्त की धूप में झुलसे अरमां मेरे,
चाहत की एक धीमी सी फुहार आ जाये,
मेरी जिन्दगी में गर तुम आ जाओ,
तो पतझड़ में जैसे बहार आ जाये|
बरसात आये और जमीं गीली न हो,
धूप निकले और सरसों पीली न हो|
ऐ मेरे यार, कैसे सोच लिया तूने,
तेरी याद आये और आँख गीली न हो|
हर सुबह की धुधं याद दिलाती है,
हर फूल की खुशबू जादू जगाती है|
चाहो न चाहो कितना भी,
पर सुबह सुबह आपकी याद आती है|