काश आपका घर मेरे घर ले करीब होता,
मिलना न सही देखना तो नसीब होता|
फूल पत्थर से टकराया तो, तुफान-ए-सागर बन गया,
जख्म खाया प्यार में तो, नाम मेरा आशिक बन गया|
काश आपका घर मेरे घर ले करीब होता,
मिलना न सही देखना तो नसीब होता|
फूल पत्थर से टकराया तो, तुफान-ए-सागर बन गया,
जख्म खाया प्यार में तो, नाम मेरा आशिक बन गया|
दोस्त एक साहिल है, तूफानों के लिए,
दोस्त एक आइना है, अरमानों के लिए,
दोस्त एक महफ़िल है, अनजानों के लिए,
दोस्त एक ख्वाहिश है, आप जैसे को पाने के लिए|
याद करते हैं जब भी अपनों को, यादों से दिल भर जाता है|
कभी साथ हुआ करते थे हम, अब मिलने को दिल तरस जाता है|
जिन्दगी तेरे बिन अधूरी है, न जाने क्यों हमारे बीच यह दूरी है|
सोचता हूँ कभी भुला दूँ तुझे, पर रातों को तेरी याद आती है|
कागज भी है हमारे पास, कलम भी है हमारे पास|
लिखे तो क्या लिखे दिल तो है तुम्हारे पास|
आज दिल बहुत उदास है न जाने किसकी आस है,
दिल के करीब आ जाओ मेरे शायद तुम्हारी ही प्यास है|
जिन्दगी भर पढ़ता रहूँ, ऐसी कहानी दे दो|
जिन्दगी भर चाहता रहूँ, ऐसी सुहानी शाम दे दो|
हम तेरे प्यार में ऐसे दीवाने हुए की चारों पहर बस
आँखों में तेरा ही चेहरा, धड़कन में तेरी ही यादें रहती हैं|
सोने की कलम सोने की दवात
गोरी गोरे गोरे बाँहों से लिखना जवाब|
भवरें कहते हैं की चमन बदला है,
तारे कहते हैं की गगन बदला है,
मगर आसमान कि खामोशियाँ कहती है कि
लाश वही है सिर्फ कफ़न बदला है |
एक जाम शाम के नाम, एक जाम उल्फत के नाम,
एक जाम वफ़ा के नाम, पूरी बोतल बेवफा के नाम|
तुमसे कोई अच्छा हुआ तो रब से शिकायत होगी,
तुम्हारी तरफ कोई नजर उठी तो कयामत से पहले कयामत होगी|
दूर जाकर भी हम दूर जा न सके
कितना रोये हम किसी को बता न सके|
गम इसका नहीं की वो हमें मिल न सके
दर्द तो यह है हम उनको भुला न सके|