“Until you make peace with who you are, you’ll never be content with what you have.”
‐ Doris Mortman
“आप जब तक अपनी हैसियत से समझौता नहीं कर लेते, आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट नहीं रह सकेंगे।”
‐ डोरिस मॉर्टमैन
“Until you make peace with who you are, you’ll never be content with what you have.”
‐ Doris Mortman
“आप जब तक अपनी हैसियत से समझौता नहीं कर लेते, आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट नहीं रह सकेंगे।”
‐ डोरिस मॉर्टमैन
“ज़िंदगी तो कुल एक पीढ़ी भर की होती है, पर नेक काम पीढ़ी दर पीढ़ी चलता है।”
‐ जापानी कहावत
“Life is for one generation; a good name is forever.”
‐ Japanese Proverb
“What we are is God’s gift to us. What we become is our gift to God.”
‐ Eleanor Powell
“हम जो हैं, वह हमें ईश्वर की देन है, हम जो बनते हैं वह परमेश्वर को हमारी देन है।”
‐ एलानर पॉवेल
हम से बढ़कर जिंदगी को
कौन कर सकता है प्यार
और गर मिटने पे आ जाएँ
तो मिट जाते हैं हम
जाग उठते हैं तो सूली पर भी
नींद आती नहीं
वक़्त पड़ जाये तो
अंगारों पे सो जाते हैं हम
मर के भी इस खाक में हम
दफ़न रह सकते नहीं
लाला – वो – गुल बन के
वीरानों पे छा जाते हैं हम||

“आप किसी चीज़ का विशद ज्ञान हासिल करना चाहते हैं तो इसे दूसरों को सिखाने लगिए”
‐ ट्रायन एडवर्ड्स
“If you would thoroughly know anything, teach it to others.”
‐ Tryon Edwards
अगर इश्क़बाजी से फुरसत मिल जाए तो थोड़ा बरस भी लेना!
यहाँ गर्मी से मरे जा रहे हम .😂😂😂👇
If you get free time from flirtation, then take a little rain!
Here we are dying of heat. 😂😂😂👇

“No bird soars too high if he soars with his own wings.”
‐ William Blake (1757-1827), British Poet and Artist
“अपने डैनों के ही बल उड़ने वाला कोई भी परिंदा बहुत ऊंचा नहीं उड़ता।”
‐ विलियम ब्लेक (1757-1827), अंग्रेज़ कवि व कलाकार

1- खाना खाने के बाद एक कप लस्सी में एक चुटकी भुना ज़ीरा और काला नमक ड़ाल कर पीएं। दस्त में आराम आयेगा।
2- अदरक का रस नाभि के आस-पास लगाने से दस्त में आराम मिलता है।
3- मिश्री और अमरूद खाने से भी आराम मिलता है।
4- कच्चा पपीता उबाल कर खाने से दस्त में आराम मिलता है।

ख़त उनका आया जवाब क्या भेजूं,
गुलाब से भी कोई खुबसूरत फूल हो तो उन्हें दूँ,
वो तो खुद ही एक गुलाब है,
उन्हें गुलाब क्या भेजूं|


“An early-morning walk is a blessing for the whole day.”
‐ Henry David Thoreau (1817-1962), Writer
“प्रातःकाल का भ्रमण पूरे दिन के लिए वरदान होता है।”
‐ हेनरी डेविड थोरो (१८१७-१८६२), लेखक

