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  • तुझे चाहा भी तो इजहार न कर सके

    तुझे चाहा भी तो इजहार न कर सके,
    कट गई उम्र किसी से प्यार न कर सके,
    तूने माँगा भी तो अपनी जुदाई मांगी,
    और हम थे की इंकार न कर सके.

  • न कफ़न में जेब है, ना कब्र में अलमारी

    मिला है जीवन किसी के काम आने के लिए…
    पर समय तो बीत रहा है कागज के टुकड़े कमाने के लिए…

    क्या करोगे इतना रुपये पैसे कमा कर??
    न कफ़न में जेब है, ना कब्र में अलमारी |

  • तरक्की के बाज

    झूठी शान के परिंदे ही ज्यादा फड़फड़ाते है,
    तरक्की के बाज की उड़ान में कभी आवाज नहीं होती।

  • इंसान में भगवान और शैतान

    इंसान में भगवान और शैतान दोनों ही मौजूद रहते हैं, इसी विषय पर बनी मलयालम शॉर्ट फिल्म द लास्ट मिनिट

    पैसेंजर से खचाखच भरी हुई बस में चढ़ती है एक गर्भवती महिला….
    बैठने को जगह नहीं अनेक लोग गर्भवती महिला को देखकर भी बैठने के लिए जगह नहीं देते जगह देता है तो एक अपंग व्यक्ति और वह दरवाजे पर खड़ा हो जाता है…

    गर्भवती महिला दरवाजे पर खड़े अपंग को धक्का देकर बस के बाहर गिरा देती है….

    कौन है वह गर्भवती महिला??

    क्यों उसने अपंग को बस के बाहर धक्का दे दिया??

    जानने के लिए दो मिनट की यह शॉर्ट फिल्म पूरी देखिए।

    फिल्म के डायरेक्टर मनी दामोदरन को सलाम

  • ऊंचाई किस काम की

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    जहाँ अपनो की याद न आए वो तन्हाई किस काम की,
    बिगड़े रिश्ते न बने तो खुदाई किस काम की,
    बेशक अपनी मंज़िल तक जाना है,
    पर जहाँ से अपने ना दिखे
    वो ऊंचाई किस काम की..

    🌿🌺🌿🌺🌿🌺🌿🌺

  • सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्ताँ हमारा।

     

     

    सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्ताँ हमारा।

    हम बुलबुलें हैं इसकी, यह गुलिसताँ हमारा।।

    ग़ुरबत में हों अगर हम, रहता है दिल वतन में।
    समझो वहीं हमें भी, दिल हो जहाँ हमारा।। सारे…

    परबत वो सबसे ऊँचा, हमसाया आसमाँ का।
    वो संतरी हमारा, वो पासबाँ हमारा।। सारे…

    गोदी में खेलती हैं, उसकी हज़ारों नदियाँ।
    गुलशन है जिनके दम से, रश्क-ए-जिनाँ हमारा।। सारे….

    ऐ आब-ए-रूद-ए-गंगा! वो दिन है याद तुझको।
    उतरा तेरे किनारे, जब कारवाँ हमारा।। सारे…

    मज़हब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना।
    हिन्दी हैं हम वतन हैं, हिन्दोस्ताँ हमारा।। सारे…

    यूनान-ओ-मिस्र-ओ-रूमा, सब मिट गए जहाँ से।
    अब तक मगर है बाक़ी, नाम-ओ-निशाँ हमारा।। सारे…

    कुछ बात है कि हस्ती, मिटती नहीं हमारी।
    सदियों रहा है दुश्मन, दौर-ए-ज़माँ हमारा।। सारे…

    ‘इक़बाल’ कोई महरम, अपना नहीं जहाँ में।
    मालूम क्या किसी को, दर्द-ए-निहाँ हमारा।। सारे…

     

  • खुशियाँ ही अक्सर खोती है ज़िन्दगी

    हंसती है ज़िन्दगी रोती है ज़िन्दगी.
    अपनों से कभी अलग नही होती है ज़िन्दगी.
    हम जुदा हो जायें तुम हंसना न छोड़ना.
    खुशियाँ ही अक्सर खोती है ज़िन्दगी.

  • खुशी में जमाना है..

    जिंदगी की हकीकत को
    बस इतना ही जाना है,
    दर्द में अकेले हैं और
    खुशी में जमाना है..

  • अगर सदा बहार रहती

    परिंदे भी शुक्रगुजार है !
    पतझड़ के भी दोस्तो !!
    वो तिनके कहा से लाते !
    अगर सदा बहार रहती !!

  • विनती

    विनती-
    बारिश में गाड़ी धीरे और देख कर चलाये,क्योंकि सड़क पर मौजूद गड्ढे नहीं दिखते बारिश में..
    ये वीडियो देखे और सबको भेजकर जागरूक भी करे….
    धन्यवाद