हर कर्ज दोस्ती का कौन करेगा,
जब हम ही न रहेंगे तो वफ़ा कौन करेगा,
ऐ खुदा मेरी जान को सलामत रखना,
वरना मेरा फ़ोन रिसीव कौन करेगा|

हर कर्ज दोस्ती का कौन करेगा,
जब हम ही न रहेंगे तो वफ़ा कौन करेगा,
ऐ खुदा मेरी जान को सलामत रखना,
वरना मेरा फ़ोन रिसीव कौन करेगा|

आसमां से दूर उस चाँद को देखती हो तुम,
पर शायद तुम्हें पता नहीं,
उस आसमां के चाँद से भी ज्यादा खुबसूरत हो तुम|

दिल से दिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं,
तूफानों में साहिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं|
अरे यूँ तो मिल जाते हैं, हजारों गाल गुलाबी,
मगर गालों पे तिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं|
मेरे सामने महफ़िल में आये बैठे है,
अपने हाथों से मेरा दिल दबाये बैठे हैं,
जब हमने पूछा की क्या है आपके हाथों में,
बहाना बना दिया मेहँदी रचाए बैठे हैं|
याद करते हैं तुम्हें तन्हाई में,
दिल डूबा है गम की गहराई में,
मुझे मत भुलाना दुनिया की लड़ाई में,
हम मिलेंगे तुम्हारे दिल की गहराई में|
मैं तुम्हें प्यार करता हूँ, लेकिन कभी तो नजर मिलाओ,
क्योंकि मेरा दिल कहता है ‘आप मुझे अच्छे लगने लगे’|
मुझे याद तेरी इतना तडपाये, हर लड़की में तेरा चेहरा नजर आये,
मुझे जब भी आवाज आये, तेरे दिल के पुकारने की आवाज आये|
कजरा गजरा महक रहा है, आलिंगन को तरस रहे हैं,
आज प्रिय के अंग से लगने तन और मन सब तरस रहे हैं|
रोते रोते दिन कटता है, तड़प कर रात|
भूल न पाता एक घड़ी भी प्यारी तेरी बात|
दिल से कैसे निकालें मोहब्बत आपकी,
जबकि घर कर गयी है दिल में सूरत आपकी,
क्या बताएं आप से कितनी मोहब्बत है मगर क्यों
हमारे वास्ते है सिर्फ नफरत आपकी|
काश आपका घर मेरे घर ले करीब होता,
मिलना न सही देखना तो नसीब होता|
फूल पत्थर से टकराया तो, तुफान-ए-सागर बन गया,
जख्म खाया प्यार में तो, नाम मेरा आशिक बन गया|
दोस्त एक साहिल है, तूफानों के लिए,
दोस्त एक आइना है, अरमानों के लिए,
दोस्त एक महफ़िल है, अनजानों के लिए,
दोस्त एक ख्वाहिश है, आप जैसे को पाने के लिए|
याद करते हैं जब भी अपनों को, यादों से दिल भर जाता है|
कभी साथ हुआ करते थे हम, अब मिलने को दिल तरस जाता है|
जिन्दगी तेरे बिन अधूरी है, न जाने क्यों हमारे बीच यह दूरी है|
सोचता हूँ कभी भुला दूँ तुझे, पर रातों को तेरी याद आती है|