Category: Love shayari

  • Dabi Dabi Si Wo Muskurahat

    Dabi Dabi Si Wo Muskurahat,
    Labon Pe Apne Saja Saja Ke,
    Wo Narm Lehje Main Baat Karna,
    Ada Se Nazrain Jhuka Jhuka Ke..?
    Wo Aankh Teri Shararti Si,
    Wo Zulf Mathay Pe Naachti Si,
    Nazar Hatey Na Ek Pal Bhi,
    Main Thak Gaya Hoon Hata Hata k..?
    Wo Tera Hathon Ki Unglion Ko,
    Mila K Zulfon Main Kho Sa Jana,
    Haya Ko Chehre Pe Phir Sajana,
    Phool Chehra Khila Khila Ke..?
    Wo Hath Hooron K Ghar Hon Jaise,
    Wo Paaon Paryon K Par Hon Jaise,
    Nahin Hai Teri Misaal Janaa,
    Main Thak Gaya Hoon Bata Bata K…!!!

  • साँस जो रूक जाये तो मौत मेरी है..

    मेरे दिल में एक धड़कन तेरी है …
    उस धड़कन कि क़सम तू ज़िन्दगी मेरी है …
    मेरी एक साँस में एक साँस तेरी है…
    वो साँस जो रूक जाये तो मौत मेरी है ..

  • तुम्हारी मेरी भी इक कहानी बनी थी

    तुम्हारी मेरी भी इक कहानी बनी थी ।
    कुछ इस तरह से मेरी जिन्दगानी बनी थी ॥
    जमाने की नज़रों मे आ गई थी तेरी अदाएं ।
    उम्र के जिस पडाव पर तुम सयानी बनी थी ॥
    खासमखास थे मेरे लिए, वो चंद लम्हे ।
    जिस घडी तुम मेरी दीवानी बनी थी ॥
    खुदा जाने क्या टूट गया था तेरे मेरे बीच ।
    तेरी बेवफ़ाई मेरे प्यार की निशानी बनी थी ॥
    हमारा फ़साना शहर में मशहूर हुआ कुछ ऐसा ।
    कि मेरी दीवानगी लोगो की जुबानी बनी थी ॥

  • कान के नीचे बजाऊँ क्या

    एक लड़की बाजार में सब्जी खरीद रही थी,

    अचानक एक लोफर लड़का आया और बोला –

    लफ्ज तेरे गीत मेरे ,
    गजल कोई सुनाऊँ क्या ,

    लड़की भी बड़ी तेज थी,
    गुस्से में पलट कर बोली –

    हाथ मेरे गाल तेरे ,
    कान के नीचे बजाऊँ क्या

  • जिसको भुलाने में साकी शायद ज़माने लग गए!!

    जो न समझे नजाक़त-ए-वक्त वो ठिकाने लग गए,
    आजकल निकम्मे आशिक खाने कमाने लग गए!!
    वो दौर और था जब हुस्न नकाब़ मेँ चला करता था,
    अब तो जिस्मदारोँ की अदाओँ के मैखाने लग गऐ!!
    चँद नोटों के साथ जो हवा मेँ उड़ान भरा करते थे,
    महँगाई के मारे वो भी दाल-रोटी खाने लग गए!!
    जो सीखे थे गिनती गिनना मासूम हथेलियोँ पर,
    वही बच्चे माँ-बाप को गलती गिनाने लग गए!!
    वक्त लगता है बदलने वाला अब मेरे मुल्क का,
    कल ही सुना था- गूँगे भी आवाज उठाने लग गए!!
    जब से कहा किसी ने ‘हिँदी’ मेँ ‘उर्दू’ को मौसी,
    हम ‘मस्जिद’ वो ‘मन्दिर’ मेँ सर झुकाने लग गए!!
    कल मिली वो अचानक थी बाजार बरेली वाले मेँ,
    जिसको भुलाने में साकी शायद ज़माने लग गए!!

  • Kahin Wo TUM Tho Nahi…

    Ek pyari si surat,
    Ek masum sa chehra,
    Do jheel si ankhe,
    Kuchh mithi mithi baate
    Ek nazuk ada,
    Kuchh masti kuchh maza,
    Thodi si shrarat,
    Bahut sari mohabbat,
    Ek bholi si muskan,
    Ucha uadane ka armaan,
    Sabse alag sabse juda,
    Jiski hai pyari har ek ada…
    Kahin wo TUM tho nahi…