Category: Anmol SMS

  • अपने कर्म पर विश्वास रखिए

    🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

    विधाता की अदालत में,
    वक़ालत बड़ी प्यारी है,
    ख़ामोश रहिये ..कर्म कीजिये,
    आपका मुकदमा ज़ारी है।
    अपने कर्म पर विश्वास रखिए,
    राशियों पर नही,…..!
    राशि तो राम और रावण की भी
    एक ही थी,…..,!
    लेकिन नियती ने उन्हें फल
    उनके कर्म अनुसार दिया!!

    💐 सुप्रभात् 💐

    🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷

  • शब्दों के दांत नहीं होते है

    👌👌👌👌👌👌👌👌
    कहते है- 🎗🎗
    शब्दों के दांत नहीं होते है
    लेकिन शब्द जब काटते है
    तो दर्द बहुत होता है और कभी-कभी
    घाव इतने गहरे हो जाते है कि
    जीवन समाप्त हो जाता है
    परन्तु घाव नहीं भरते !!

    इसलिए जीवन में जब भी बोलो मीठा बोलों
    एक “शब्द” औषधि करे,
    और एक “शब्द” करे “सौ” “घाव”,,,!

    🌹 Love is Life 🌹
    🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

  • अच्छी यादें हमेशा जिन्दा रहती हैं

    कोशिश करे कि जिँदगी का हर लम्हा
    अपनी तरफ से हर किसी के साथ
    अच्छे से गुजरे,

    क्योंकि, जिन्दगी नहीं रहती पर अच्छी यादें हमेशा जिन्दा रहती हैं…..

  • बस वही मित्र है

    जिसका मन पवित्र है
    बस वही मित्र है

  • न कफ़न में जेब है, ना कब्र में अलमारी

    मिला है जीवन किसी के काम आने के लिए…
    पर समय तो बीत रहा है कागज के टुकड़े कमाने के लिए…

    क्या करोगे इतना रुपये पैसे कमा कर??
    न कफ़न में जेब है, ना कब्र में अलमारी |

  • तरक्की के बाज

    झूठी शान के परिंदे ही ज्यादा फड़फड़ाते है,
    तरक्की के बाज की उड़ान में कभी आवाज नहीं होती।

  • इंसान में भगवान और शैतान

    इंसान में भगवान और शैतान दोनों ही मौजूद रहते हैं, इसी विषय पर बनी मलयालम शॉर्ट फिल्म द लास्ट मिनिट

    पैसेंजर से खचाखच भरी हुई बस में चढ़ती है एक गर्भवती महिला….
    बैठने को जगह नहीं अनेक लोग गर्भवती महिला को देखकर भी बैठने के लिए जगह नहीं देते जगह देता है तो एक अपंग व्यक्ति और वह दरवाजे पर खड़ा हो जाता है…

    गर्भवती महिला दरवाजे पर खड़े अपंग को धक्का देकर बस के बाहर गिरा देती है….

    कौन है वह गर्भवती महिला??

    क्यों उसने अपंग को बस के बाहर धक्का दे दिया??

    जानने के लिए दो मिनट की यह शॉर्ट फिल्म पूरी देखिए।

    फिल्म के डायरेक्टर मनी दामोदरन को सलाम

  • ऊंचाई किस काम की

    🌿🌺🌿🌺🌿🌺🌿🌺

    जहाँ अपनो की याद न आए वो तन्हाई किस काम की,
    बिगड़े रिश्ते न बने तो खुदाई किस काम की,
    बेशक अपनी मंज़िल तक जाना है,
    पर जहाँ से अपने ना दिखे
    वो ऊंचाई किस काम की..

    🌿🌺🌿🌺🌿🌺🌿🌺

  • सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्ताँ हमारा।

     

     

    सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्ताँ हमारा।

    हम बुलबुलें हैं इसकी, यह गुलिसताँ हमारा।।

    ग़ुरबत में हों अगर हम, रहता है दिल वतन में।
    समझो वहीं हमें भी, दिल हो जहाँ हमारा।। सारे…

    परबत वो सबसे ऊँचा, हमसाया आसमाँ का।
    वो संतरी हमारा, वो पासबाँ हमारा।। सारे…

    गोदी में खेलती हैं, उसकी हज़ारों नदियाँ।
    गुलशन है जिनके दम से, रश्क-ए-जिनाँ हमारा।। सारे….

    ऐ आब-ए-रूद-ए-गंगा! वो दिन है याद तुझको।
    उतरा तेरे किनारे, जब कारवाँ हमारा।। सारे…

    मज़हब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना।
    हिन्दी हैं हम वतन हैं, हिन्दोस्ताँ हमारा।। सारे…

    यूनान-ओ-मिस्र-ओ-रूमा, सब मिट गए जहाँ से।
    अब तक मगर है बाक़ी, नाम-ओ-निशाँ हमारा।। सारे…

    कुछ बात है कि हस्ती, मिटती नहीं हमारी।
    सदियों रहा है दुश्मन, दौर-ए-ज़माँ हमारा।। सारे…

    ‘इक़बाल’ कोई महरम, अपना नहीं जहाँ में।
    मालूम क्या किसी को, दर्द-ए-निहाँ हमारा।। सारे…