काश मेरी मोहब्बत का तुझे एहसास होता,
दिल में न सही होठों पर मेरा नाम होता,
जी लेता मैं इस रंग बदलती दुनिया में,
गर मुझसे तुझे बेइंतहा प्यार होता|
काश मेरी मोहब्बत का तुझे एहसास होता,
दिल में न सही होठों पर मेरा नाम होता,
जी लेता मैं इस रंग बदलती दुनिया में,
गर मुझसे तुझे बेइंतहा प्यार होता|
सुकून है की आज तुमसे मिलना है,
खुशबू बनकर तुम्हारे पास बिखरना है,
अब तो यही है तमन्ना मेरी जाने जाना,
तुम्हारे दिल में हमें उतरना है|
किसी की आखों ने जन्नत की सैर करा दी,
पलभर में अपनों से बैर करा दी|
पलकों के पानी ने कुछ ऐसा कहर ढाया,
की रेगिस्तान को समुन्दर की सैर करा दी|
चाहत समंदर से गहरा है,
इस पर सिर्फ दिल का पहरा है,
इश्क आखों से होकर दिल में उतरता है,
किसी का प्यार पाने को दिल बेताब रहता है|
रस्में उल्फत निभाता कौन है,
दिल से किसी को भुलाता कौन है,
मजबूरियां जुदा कर देती हैं अपनों से,
वरना खुशियों के दामन चुराता कौन है|
फूलों को सभी चाहते हैं,
काँटों को सभी ठुकराते हैं,
किसी ने ये नहीं सोचा की,
फूल काँटों से पहले मुरझा जाते हैं|
ऐ जिन्दगी यूँ मुझसे दगा न कर,
मैं उससे दूर रहूँ ये दुआ न कर,
कोई देखता है उसे, तो होती है जलन,
ऐ हवा तू भी उसे छुआ न कर|
जिससे सज जाती है तन्हाई में महफ़िल,
ऐसे हसरत की एहसास हो तुम,
वैसे तो सभी जी लेते हैं जिन्दगी,
मगर जिन्दगी की साँस हो तुम|
तेरे आशियाने से जब, हमारा जनाजा गुजरेगा,
तेरी आखों से आसुओं का सिलसिला शुरू हो जायेगा,
चाहकर भी न रोक सकोगी आसुओं को तुम,
शायद उस दिन तुम्हें मेरी मोहब्बत का एहसास हो जायेगा|
शाम होते ही में, घर के चिराग बुझा देता हूँ,
बस दिल ही काफी है, तेरी याद में जलने के लिए|