तेरे आशियाने से जब, हमारा जनाजा गुजरेगा,
तेरी आखों से आसुओं का सिलसिला शुरू हो जायेगा,
चाहकर भी न रोक सकोगी आसुओं को तुम,
शायद उस दिन तुम्हें मेरी मोहब्बत का एहसास हो जायेगा|
तेरे आशियाने से जब, हमारा जनाजा गुजरेगा,
तेरी आखों से आसुओं का सिलसिला शुरू हो जायेगा,
चाहकर भी न रोक सकोगी आसुओं को तुम,
शायद उस दिन तुम्हें मेरी मोहब्बत का एहसास हो जायेगा|
शाम होते ही में, घर के चिराग बुझा देता हूँ,
बस दिल ही काफी है, तेरी याद में जलने के लिए|
तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है
जहाँ भी जाऊँ ये लगता है, तेरी महफ़िल है
ये आसमान ये बादल ये रास्ते ये हवा
हर एक चीज़ है अपनी जगह ठिकाने पे
कई दिनों से शिकायत नहीं ज़माने से
ये ज़िंदगी है सफ़र तू सफ़र कि मंज़िल है, जहाँ भी …
तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है
हर एक फूल किसी याद सा महकता है
तेरे खयाल से जागी हुई फ़िज़ाएं हैं
ये सब्ज़ पेड़ हैं या प्यार की दुआएं हैं
तू पास हो कि नहीं फिर भी तू मुकाबिल है, जहाँ भी …
तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है
हर एक शय है मुहब्बत के नूर से रोशन
ये रोशनी जो ना हो ज़िंदगी अधूरी है
राह-ए-वफ़ा में कोई हमसफ़र ज़रूरी है
ये रास्ता कहीं तनहा कटे तो मुश्किल है, जहाँ भी …
तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है
तेरे बगैर जहाँ में कोई कमी सी थी
भटक रही थी जवानी अंधेरी राहों में
सुकून दिल को मिला आ के तेरी बाहों में
मैं एक खोई हुई मौज हूँ तू साहिल है, जहाँ भी …
तेरे जमाल से रोशन है कायनात मेरी
मेरी तलाश तेरी दिलकशी रहे बाकी
खुदा करे की ये दीवानगी रहे बाकी
तेरी वफ़ा ही मेरी हर खुशी का हासिल है, जहाँ भी …
तेरी आखों के सागर में, डूब जाने को जी चाहता है.
पी कर तेरे लबों के जाम, बहक जाने को जी चाहता है.
कह दो हवाओं से न बिखेरें इस तरह जुल्फों को गालों पर,
इन में खो जाने को जी चाहता है.
देख कर तेरा संगमरमर सा बदन, फिसल जाने को जी चाहता है.
न लिया करो अंगड़ाई ऐसे, तन से लिपट जाने को जी चाहता है.
तेरी हर अदा क़यामत लगती है हम को,
इसी अदा पे तो मर जाने की जी चाहता है.
धैर्य एक ऐसी दौलत है जो बहुत कम लोगों के पास होती है

सिंदूरी शाम, महकी हुयी तन्हाई है,
मुद्दतों बाद तेरी यद् चली आई है,
ऐसे में तू आ जाये, दिल को करार आ जाये,
सुरमई रत फिर से जवान हो जाये|
मुरझा गये फूल पर बहार वही है,
दूर रहते हैं पर प्यार वही है,
जानते हैं हम मिल नहीं सकते आपसे,
मगर इन आखों में इंतजार वही है|
मैं तोड़ लेता अगर तू गुलाब होती,
मैं जवाब बनता अगर तू सवाल होती,
सब जानते है मैं नशा नहीं करता,
मगर मैं भी पी लेता अगर तू शराब होती !!! 🌹💐🌷🌻🍺🍾🥃
ये जिन्दगी अधूरे मिलन की एक आस है,
ये जिन्दगी दर्द का एहसास है,
हो सके तो ख्वाबों में ही आ जाना,
तुम्हारे बिन ये जिन्दगी उदास है|
अँधेरी रात गुजर जाने के बाद,
सुहानी सुबह तो होती है,
फिर क्यूँ तुम्हें अँधेरे से डर लगता है|