हर कर्ज दोस्ती का कौन करेगा,
जब हम ही न रहेंगे तो वफ़ा कौन करेगा,
ऐ खुदा मेरी जान को सलामत रखना,
वरना मेरा फ़ोन रिसीव कौन करेगा|

हर कर्ज दोस्ती का कौन करेगा,
जब हम ही न रहेंगे तो वफ़ा कौन करेगा,
ऐ खुदा मेरी जान को सलामत रखना,
वरना मेरा फ़ोन रिसीव कौन करेगा|

बहुत खुबसूरत है हंसी तुम्हारी,
लेकिन तुम मुस्कुराती ही कम हो |
सोचता हूँ देखता रहूँ तुमको
लेकिन तुम नजर आती ही कम हो|
जिन्दगी इस कदर हैरान है,
छोटी छोटी बातों से दिल परेशान है,
दूर बहुत है मंजिल, दिखती नहीं रह है,
फिर भी खुशकिस्मत हैं हम, साथ हमारे आप हैं|
खूबसूरत सा एक पल किस्सा बन जाता है,
जाने कब कौन जिंदगी का हिस्सा बन जाता है,
कुछ लोग ऐसे भी मिलते हैं जिंदगी में,
जिनसे कभी न टूटने वाला रिश्ता बन जाता है।
Happy Friendship’s Day!
😊💐🍫😘😘