तेरे आशियाने से जब, हमारा जनाजा गुजरेगा,
तेरी आखों से आसुओं का सिलसिला शुरू हो जायेगा,
चाहकर भी न रोक सकोगी आसुओं को तुम,
शायद उस दिन तुम्हें मेरी मोहब्बत का एहसास हो जायेगा|
तेरे आशियाने से जब, हमारा जनाजा गुजरेगा,
तेरी आखों से आसुओं का सिलसिला शुरू हो जायेगा,
चाहकर भी न रोक सकोगी आसुओं को तुम,
शायद उस दिन तुम्हें मेरी मोहब्बत का एहसास हो जायेगा|
शाम होते ही में, घर के चिराग बुझा देता हूँ,
बस दिल ही काफी है, तेरी याद में जलने के लिए|
सिंदूरी शाम, महकी हुयी तन्हाई है,
मुद्दतों बाद तेरी यद् चली आई है,
ऐसे में तू आ जाये, दिल को करार आ जाये,
सुरमई रत फिर से जवान हो जाये|
दिल घबराता है आँख भर आती है,
तू जो रूठे तो मेरी जां निकल जाती है.
जो नसीब में है, वो चलकर आयेगा.
जो नहीं है, वो आकर भी चला जायेगा.
जिंदगी को इतना सीरियस लेने की जरूरत नहीं है दोस्तो,
यहाँ से जिंदा बचकर कोई नहीं जायेगा.
एक सच ये है की…..
अगर जिंदगी इतनी अच्छी होती तो हम इस दुनिया में
रोते रोते ना आते…
लेकिन एक मीठा सच ये भी है की अगर ये जिंदगी बुरी होती
तो हम जाते जाते लोगों को रुलाकर ना जाते…
B Positive in your life and Kep Smiling
कभी दिल, कभी धड़कन…
कभी नज़रें , कभी लब…
हर चीज मुस्कुराने लग जाती है…
तेरे आने की खबर से…!!!
Tu is tarah se meri zindagi men shaamil hai
Jahaan bhi jaaun ye lagata hai teri mahafil hai
Ye asamaan, ye baadal, ye raaste, ye hawa
Har ek chij hai apani jagah thhikaane se
Ki dinon se shikaayat nahin zamaane se
Ye zindagi hai safr, tu safr ki mnjil hai.
Jahaan bhi jaaun ye lagata hai teri mahafil hai
Tu is tarah se meri zindagi men shaamil hai
Har ek ful kisi yaad sa mahakata hai
Tere khyaal se jaagi hui fijaayen hain
Ye sabj ped hain ya pyaar ki duaen hain
Tu paas ho ke nahin fir bhi tu mukaabil hai.
Jahaan bhi jaaun ye lagata hai teri mahafil hai
Tu is tarah se meri zindagi men shaamil hai
Har ek shay hai mohabbat ke nur se roshan
Ye roshani jo na ho, zindagi adhuri hai
Raah-e-wafa men, koi hamasafr jruri hai
Ye raasta kahin tanaha kate to mushkil hai.
Jahaan bhi jaaun ye lagata hai teri mahafil hai
Tu is tarah se meri zindagi men shaamil hai
तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है
जहाँ भी जाऊँ ये लगता है, तेरी महफ़िल है
ये आसमान ये बादल ये रास्ते ये हवा
हर एक चीज़ है अपनी जगह ठिकाने पे
कई दिनों से शिकायत नहीं ज़माने से
ये ज़िंदगी है सफ़र तू सफ़र कि मंज़िल है, जहाँ भी …
तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है
हर एक फूल किसी याद सा महकता है
तेरे खयाल से जागी हुई फ़िज़ाएं हैं
ये सब्ज़ पेड़ हैं या प्यार की दुआएं हैं
तू पास हो कि नहीं फिर भी तू मुकाबिल है, जहाँ भी …
तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है
हर एक शय है मुहब्बत के नूर से रोशन
ये रोशनी जो ना हो ज़िंदगी अधूरी है
राह-ए-वफ़ा में कोई हमसफ़र ज़रूरी है
ये रास्ता कहीं तनहा कटे तो मुश्किल है, जहाँ भी …
तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है
तेरे बगैर जहाँ में कोई कमी सी थी
भटक रही थी जवानी अंधेरी राहों में
सुकून दिल को मिला आ के तेरी बाहों में
मैं एक खोई हुई मौज हूँ तू साहिल है, जहाँ भी …
तेरे जमाल से रोशन है कायनात मेरी
मेरी तलाश तेरी दिलकशी रहे बाकी
खुदा करे की ये दीवानगी रहे बाकी
तेरी वफ़ा ही मेरी हर खुशी का हासिल है, जहाँ भी …
तेरी आखों के सागर में, डूब जाने को जी चाहता है.
पी कर तेरे लबों के जाम, बहक जाने को जी चाहता है.
कह दो हवाओं से न बिखेरें इस तरह जुल्फों को गालों पर,
इन में खो जाने को जी चाहता है.
देख कर तेरा संगमरमर सा बदन, फिसल जाने को जी चाहता है.
न लिया करो अंगड़ाई ऐसे, तन से लिपट जाने को जी चाहता है.
तेरी हर अदा क़यामत लगती है हम को,
इसी अदा पे तो मर जाने की जी चाहता है.